
स्वप्नदोष का इलाज
स्वप्नदोष एक प्रकृतिक बीमारी है जो किशोर व किशोरियों के यौवनावस्था के काल में रात के अर्द्धनिद्रित अवस्था में देखे गए कामुक सपनो के उन्माद मे वीर्य या रज का पतन होना ही स्वप्नदोष है।
स्वप्नदोष कोई जानलेवा बीमारी नही है, नौजवान या नवयुवती अक्सर शर्म की बात समझकर डाक्टरी सलाह लेना नही चाहते है, इसका सही समय पर इलाज नही किया गया तो पुरूषों का यही बीमारी धात रोग तथा स्त्रियों का लिक्योरिया मे बदल जाता है तब इसे ठीक करना ज्यादा मुश्किल होगा। अगर यह रोग शुरूआती दौर में है तो कुछ घरेलू उपचार से यह बीमारी पूर्णतया खुद से ठीक कर सकते है।
तो आइए स्वप्नदोष जैसे विकार को घरेलू उपचार से ठीक करने के कुछ घरेलू नस्खों के बारे मे बताना चाहता हूँ जो सदैव आपके लिए लाभकारी होगा।
(1) इस दवा को तैयार करने के लिए हमेशा साफ-सुथरे काँच के बर्त्तन का प्रयोग करे चाहे ग्लाश हो या कटोरी मे 20 ग्राम सूखे आँवला को पीस कर डाले, उसके बाद उसी वर्त्तन में लगभग 60 ग्राम पानी डालकर लगभग 12 घंटे तक उसे भीगने के लिए छोड़ दे, ध्यान रहे वर्त्तन को हमेशा ढ़क कर रखे। फिर समय पूरा होने के साथ इसे छान ले, उसके बाद उसमें 2 ग्राम पिसा हुआ हल्दी डालने के बाद दवा तैयार हो जाएगे।

दवा तैयार होने पर इसे दो चम्मच दवा को सबेरे पानी के साथ पी ले। आप देखेगे कि इस बीमारी बीमारी आपको राहत मिलेने लगेगे।
(2) दूसरा तरीका है कि 10 ग्राम सफेद प्याज का रस, 8 ग्राम अदरक का रस एवं 5 ग्राम शहद लेकर इन तीनों को आपस में एक काँच के बर्त्तन में मिला ले, उन तीनों मिश्रण को मिल जाने के बाद उसमे फिर 3 ग्राम शुद्ध घी को डालकर आपस में खूब अच्छी तरह मिला ले, फिर रात में सोते समय इसे पिएँ इससे स्वप्नदोष की बीमारी में राहत मिल जाती है।
(3) रात में सोने से पहले एक या दो कली लहसुन को अच्छी तरह चबाकर निगल जाएँ तो इससे स्वप्नदोष दूर होते है साथ ही अगर इसे दूध के साथ ले तो पुरूषों में बल-वीर्य की वृद्धि होती है।
(4) लाल अनार के छिलके को अच्छी तरह सुखा लें, फिर उसे सूखने के बाद बारीक पीस ले या कूट ले, फिर उसे एक बारिक छन्ने से छान ले, फिर 3 या 4 ग्राम पाउडर सुबह -शाम ताजे पानी के साथ नियमित दो सप्ताह तक लेने से स्वप्नदोष जैसी बीमारी से मुक्ति मिल जाती है।
(5) लगातार स्वप्नदोष से शरीर कमजोर हो जाता है, तो शारीरिक ताकत को बढ़ाने के लिए पौष्टिक आहार का प्रयोग नितान्त आवश्यक है। उसके साथ ही जामुन का सूखा हुआ गुठली का चूर्ण लगभग 4 ग्राम ताजे पानी के साथ शाम को सेवन 15 दिनों तक करने से स्वप्नदोष से छुटकारा मिल जाता है। सावधानी-खाने में खटाइ का प्रयोग न करे।
(6) धनियाँ और मिश्री को बराबर मात्रा में मिलाकर एक साथ पिस ले। फिर उसके 5 ग्राम चूर्ण को प्रातः प्रतिदिन ताजे पानी के साथ एक सप्ताह सेवन करने से अनियमित स्वप्नदोष दूर हो जाता है तथा वीर्य संबंधि विकारो को भी दूर किया जा सकता है ।
(7) तुलसी के जड़ को अच्छी तरह धोकर सूखा ले, जब वो पूरी तरह सूख जाय, तो उसे बारीक पीस कर पाउडर बना ले, फिर उस पिसे हुए पाउडर के 2 ग्राम को एक माह तक ताजे पानी के साथ प्रातः काल पीने से स्वप्नदोष दूर हो जाता है।
प्राकृतिक और भोजन द्वारा इस बीमारी के उपचार के लिए देहाती उत्पाद का सेवन करें।
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डा० नैयर आजम एवं डा० डी० एन० प्रसाद नेचरोपैथी
